बहुमत के बाद भी जनपद में कांग्रेस की हार, भाजपा की प्रियंका सिन्हा जीती

जनपद पंचायत धमतरी में अध्यक्ष पद का चुनाव गहमा-गहमी के माहौल के बीच 7 जनवरी को संपन्न हुआ। भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी को बराबर बराबर 12-12 वोट मिलने की स्थिति में प्रियंका सिन्हा के नाम की पर्ची निकलने पर उन्हें अध्यक्ष घोषित किया गया। जनपद में कांग्रेस सदस्यों की संख्या 14 रही फिर भी शर्मनाक हार को लेकर एक दूसरे पर दोषारोपण शुरू हो गया। चुनाव में हार के बाद कांग्रेसी सदस्यों को कसम खिलाने अंगारमोती मंदिर गंगरेल ले जाया गया जहां सदस्यों और कार्यकर्ताओं के बीच बहस भी हुई।
जनपद पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा की रंजना साहू आसीन थी। उनके विधायक बनने के बाद अध्यक्ष की कुर्सी खाली हो गई। जब रंजना साहू जनपद अध्यक्ष बनी तब भी कांग्रेस का बहुमत रहा। इस बार भी कांग्रेसी सदस्यों की संख्या 14 तक रही। चुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेसी सदस्यों में अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान जारी रही। उपाध्यक्ष बृजेश जगताप शुरू से संजू कामता सिन्हा को अध्यक्ष प्रत्याशी बनाने के पक्ष में रहे, जबकि सदस्य दयाराम साहू, घमेश्वरी साहू को अध्यक्ष प्रत्याशी बनाने के लिए अड़े रहे। कांग्रेस ने जनपद अध्यक्ष की कुर्सी अपनाने के लिए रणनीति बनाई। जिसके तहत सिहावा विधायक लक्ष्मी ध्रुव को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया। रविवार को बनरौद रेस्टहाऊस में कांग्रेस के अधिकतर सदस्यों के बीच बैठक हुई जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। सदस्य और कांग्रेस के नेता अध्यक्ष प्रत्याशी बनाने को लेकर दो गुट में बंट गये। तभी पर्यवेक्षक ने राजधानी के बड़े नेताओं को दूरभाष से वस्तुस्थिति की जानकारी दी। प्रदेश स्तरीय नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि पर्यवेक्षक और सदस्य के बहुमत के आधार पर प्रत्याशी का चयन किया जाये। इस निर्देश के बाद संजू कामता सिन्हा कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष पद प्रत्याशी बनाई गई।
सोमवार को सुबह 11 बजे जनपद पंचायत भवन में निर्वाचन अधिकारी सीडी वर्मा एसडीएम की मौजूदगी में नामांकन के साथ-साथ चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। 11.30 बजे कांग्रेस के 9 सदस्य एवं 12 बजे भाजपा के सदस्य दो वाहनों से जनपद कार्यालय पहुंचे। कांग्रेस के 5 सदस्य चुनाव के कुछ समय पहले पहुंचे। देर से पहुंचे सदस्यों को लेकर जनपद कार्यालय के बाहर कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं में चर्चा का माहौल गरमाया रहा। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि इस बार अध्यक्ष की कुर्सी में उनकी ही पार्टी की जीत होगी। अध्यक्ष निर्वाचन के दौरान प्रत्याशी संजू कामता सिन्हा की ओर से कांग्रेस के अलावा कांग्रेस से निष्काषित नेता भी डटे रहे। चुनाव में मतदान के बाद मतों की गिनती हुई जिसमें कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी संजू कामता सिन्हा एवं भाजपा समर्थित प्रत्याशी प्रियंका सिन्हा को 12-12 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार रिजल्ट टाई रहा। दोनों प्रत्याशियों की सहमति पर दोनों का अलग-अलग नाम लिखकर पर्ची बाक्स में डाला गया। जिसे तीसरे अन्य व्यक्ति के हाथों निकाला गया। फैसला भाजपा समर्थित प्रत्याशी प्रियंका सिन्हा के पक्ष में गया। इस खबर के बाद जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर भाजपाइयों ने जोरदार आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया। वहीं कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई।
ये रहे उपस्थित
जनपद पंचायत के बाहर भाजपा और कांग्रेस के नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं अन्य लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन लालवानी, भाजपा जिलाध्यक्ष रामू रोहरा, नगरी जनपद अध्यक्ष पिंकी शाह, आनंद पवार, नीशू चंद्राकर, योगेश बाबर, हरमिंदर छाबड़ा, सूर्याराव पवार, शरद लोहाना, शंकर ग्वाल, शिवओम बैगा, राजेश पांडे, विसंभर साहू, विक्रांत पवार, आशुतोष शर्मा, आलोक पांडे, कैलाश रणसिंह, अमित रणसिंह, निखिलेश देवान, संतोष सिन्हा, कुणाल गायकवाड़, हरिराम धु्रव, स्वतंत्र कौशल, दिलावर रोकडिय़ा, अमरदीप साहू, गोविंद साहू उपस्थित थे।
चिन्हांकित कर कार्यवाही करेंगे : लालवानी
जनपद पंचायत में कांग्रेस के 14 सदस्य होने के बाद भी अध्यक्ष पद के चुनाव में हार मिली है। इस मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहन लालवानी ने कहा कि चुनाव में जिन्होंने पार्टी के विरूद्ध मतदान किया है, ऐसे सदस्यों को चिन्हांकित कर लिया गया है। इससे प्रदेश कांग्रेस कमेटी को अवगत कराते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित करने का आग्रह करेंगे। जनपद के बाहर कांग्रेसियों के साथ कुछ निष्कासित सदस्यों के साथ में रहने के मामले पर मोहन लालवानी ने कहा कि कौन-कौन सदस्य निष्कासित हैं, उसे क्लीयर नहीं बता सकते। सार्वजनिक स्थल पर कोई भी रह सकता है।
कांग्रेसियों को अपना घर सम्हालना चाहिए : रामू रोहरा
भाजपा जिलाध्यक्ष रामू रोहरा ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी प्रियंका सिन्हा की जीत के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस को अपना घर सम्हालना चाहिए। पिछली बार की तरह इस बार भी कम सदस्य होने के बावजूद भाजपा को जीत मिली है। भाजपाई सदस्य पहले और अब भी एक साथ हैं। उन्होंने इस जीत के लिए सभी सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नगरी जनपद में भी भाजपा को लाभ मिला है।
कांग्रेस की बौखलाहट स्पष्ट झलकी
कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि उनके पक्ष में 14 सदस्य हैं और जीत भी कांग्रेस की होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर उभर कर सामने आई है। हार के बाद कांग्रेसी सभी सदस्यों को दो वाहनों में लेकर कसम खिलाने के लिए अंगारमोती मंदिर गंगरेल ले गये।
असत्य पर सत्य की जीत हुई : प्रियंका
अपनी जीत के बाद नवनिर्वाचित जनपद अध्यक्ष प्रियंका सिन्हा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह जीत असत्य पर सत्य की जीत है। जिस परिस्थितियों में उन्हें अध्यक्ष बनने का मौका मिला इसके लिए सभी 24 सदस्यों का वे धन्यवाद करना चाहती हंै। उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष रामू रोहरा एवं सभी कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया। श्रीमती सिन्हा ने कहा कि अध्यक्ष बनने के बाद विकास कार्यों को प्राथमिकता से कराया जायेगा, क्योंकि अब यह कार्यकाल मात्र 1 साल का है।

Source: 
visionnewsservice.in

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