बूढ़ा तालाब संरक्षण के लिए 4.15 करोड़ की कार्ययोजना

 बूढ़ा तालाब संरक्षण के लिए 4.15 करोड़ की कार्ययोजना

शहर के बूढ़ा तालाब के संरक्षण व सफाई आदि कार्यों के लिए 4.15 करोड़ रुपए के पायलेट प्रोजेक्ट का रोड मैप तैयार कर लिया गया है। सूडा मुख्य अभियंता ने डीपीअार का अवलोकन व स्थल परीक्षण एनआईटी प्रोफेसर व निगम अधिकारियों के साथ किया।
राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) केे निर्देश पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्था रायपुर (एनआईटी)ने चौदहवीं सदी के ऐतिहासिक बूढातालाब स्वामी विवेकानंद सरोवर को स्वच्छ रखने सरोवर धरोहर योजना के तहत तालाब के संरक्षण, साफ सफाई एवं अनुशांगिक कार्यो के लिए पायलट प्रोजेक्ट का रोड मैप तैयार करने 4 करोड 14 लाख 70 हजार रू. का डीपीआर तैयार कर लिया है।
एनआईटी के तैयार डीपीआर को सूडा ने नगर निगम रायपुर को उपलब्ध करवाया है। जिस पर नगर निगम आयुक्त रजत बंसल ने संबंधित निगम अधिकारियों को योजना के डीपीआर का परीक्षण कर शासन के निर्देशानुसार विधिवत तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने की कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश दिए है।
24 मई को एनआईटी के तैयार डीपीआर का परीक्षण व अवलोकन स्थल पर पहुंचकर सूडा के मुख्य अभियंता संजीव ब्यौहार ने एनआईटी के प्रोफेसर समीर वाजपेयी, रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रभारी अधीक्षण अभियंता बीआर अग्रवाल, जोन 7 के जोन कमिश्नर संतोष पांडे, जोन सहायक अभियंता रघुमणी प्रधान की उपस्थिति में किया।
एनआईटी की कार्य योजना के अनुसार बरसात के जल को नाले के माध्यम से तालाब के पेठू में ही वेटलैण्ड या आर्द्र भूमि के विभिन्न चरणों से शोधित करते हुए मुख्य तालाब में छोडा जाएगा। बरसात के अलावा सूखे महीनो में नाले से आने वाले गंदे पानी को पेठू में स्थित प्राकृतिक पद्धति से व बिना बिजली के चलने वाले जल शोधन संयंत्र से शुद्ध कर तालाब में डाला जाएगा, ताकि वाष्पीकरण से पानी की मात्रा में होने वाली कमी को पूरा कर तालाब में पानी का स्तर यथावत रखा जा सके।

Source: 
visionnewsservice.in

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