बैलाडीला में एचआईवी के प्रति लोगों ने किया जागरूक

बचेली में मंगलवार को भी स्कूली बच्चों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों ने रैली निकालकर एचआईवी के प्रति लोगों को सचेत किया। रैली में कहा कि जागरूकता ही बचाव की पहली सीढ़ी है और एड्स की बात- सबके साथ। बावजूद जिले में जागरूकता की कमीं से काउंसिलिंग के लिए लोग हॉस्पिटल कम पहुंच रहे हैं। चिन्हित मरीज भी नियमित जांच और दवा लेने नहीं पहुंचते। जिले में सर्वाधिक एचआईवी पॉजीटिव मरीज लौहनगरी बैलाडिला के किरंदुल-बचेली में हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे है। एनजीओ और कुछ लोग लगातार इस कार्य में जुटे हैं।
मंगलवार को भी एड्स के बारे मे जिला मुख्यालय में स्वास्थ विभाग ने विभिन्न कार्यक्रम किए। सुबह स्काउट-गाइड, एनसीसी और अन्य स्कूली बच्चों के साथ जागरूकता रैली निकाली गई। रैली जिला हॉस्पिटल से निकलने के बाद नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती वापस हॉस्पिटल कैंपस में खत्म हुई। इस दौरान स्कूली बच्चे हाथों में जागरूकता के स्लोगन लिखी तख्तियां लिए थे और नारे लगा रहे थे। हॉस्पिटल में रंगोली स्पर्धा हुई और एचआईवी सेमीनार हुआ जिसमें स्वास्थ्य अधिकारियों ने रोग के कारण और बचाव के तरीके बताए। कहा कि जागरूकता ही बचाव का पहला कदम है। सुरक्षित यौन संबंध के साथ ही ब्लड देने के दौरान, इंजेक्शन लगाने और चोट लगने पर उपचार के दौरान सावधानियां बरतनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में जागरूकता की कमी के चलते मरीजों को चिन्हित करने में दिक्कत हो रही है। जो चिन्हित हैं वे भी सामाजिक झिझक के चलते नियमित दवा और जांच के लिए नहीं आते। उनका काउंसिलिंग भी बड़ा कष्टप्रद होता है। एड्स कार्यक्रम के नोडल अफसर डॉ देश दीपक के मुताबिक जिले में सर्वाधिक एचआईवी मरीज किरंदुल-बचेली इलाके में हैं। दोनों नगरीय और आसपास के इलाके में अब तक 70 पॉजीटिव मरीजों का पंजीयन किया जा चुका है।
दूसरे नंबर पर दंतेवाड़ा ब्लॉक और तीसरे नंबर पर गीदम ब्लॉक में 30 मरीज पॉजीटिव पाए गए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक किरंदुल में रेलवे लाइन सहित झुग्गी बस्तियों में मरीजों की संख्या अधिक है। बचेली- किरंदुल में वाहन चालक-परिचालकों की संख्या भी अधिक होने से वहां एचआइवी पीडि़तों की संख्या में बढ़ोतरी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।

Source: 
visionnewsservice.in

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