मनरेगा में 2.10 लाख परिवारों को मिला रोजगार

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् प्रत्येक पंजीकृत परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही जिले में अनेक उपयोगी स्थायी परिसम्मतियों का निर्माण हुआ है। साथ ही ग्रामीण अंचलों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है। जिले में विशेषकर महिलाओं एवं अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्ग के लोगों को अधिकाधिक रोजगार के अवसर सुलभ कराया गया।
वर्ष 2014-15 में 28 हजार 886 कार्य मनरेगा के तहत् स्वीकृत किये गये थे। इस वर्ष जिले के 2 लाख 37 हजार 467 ग्रामीण परिवारों को मनरेगा का जॉब कार्ड जारी किया गया है तथा 1 लाख 5 हजार 478 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। मनरेगा अंतर्गत मिट्टी, मुरूम के कार्य, डब्ल्यूबीएम, सीसी सड़क निर्माण, जल संरक्षण एवं संवर्धन के तहत् नवीन तालाब, तालाब गहरीकरण, स्टाप डेम, चेक डेम, पोखर संवर्धन, नाला बंधान, वृक्षारोपण, नर्सरी तैयार करने, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, राजीवगांधी सेवा केन्द्र, खाद्य अनाज भंडारण संग्रहण केन्द्र, सामुहिक धान संग्रहण, चबूतरा निर्माण, खेल मैदान समतलीकरण, वर्मी टांका, नाडेप टांका, बायोमेन्योट, मुर्गी पालन, बकरी पालन, गाय पालन शेड, अंजोला टैंक निर्माण सहित डबरी कूप निर्माण, भूमि सुधार, मेड़ बंधान, निजी शौचालय निर्माण के कार्य किये गये हैं।
इस प्रकार मनरेगा योजना के प्रांरभ से अब तक 1142.31 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन किया गया। जिसमें से महिलाओं का 552.80 लाख मानव दिवस सृजन कर 49.39 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराया गया है। अब तक जिले के 2.10 लाख परिवारों को 100 दिवस से अधिक का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। मनरेगा अंतर्गत जलाशयों का निर्माण, जीर्णोंद्वार से निस्तारी सुविधा के साथ सिंचाई क्षेत्र में विस्तार हुआ। हितग्राहीमूलक कार्यों की स्वीकृति से ग्रामीण अंचल के कृषकों को अतिरिक्त आय की प्राप्ति हुई। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। मनरेगा में पंजीकृत परिवारों के कौशल उन्नयन, आजीविका के साधन एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर एवं सुविधाएं प्रदान करने के लिए परिवारों का कॉउसलिंग कर विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

Source: 
www.visionnewsservice.in

Related News