महावीर सिंह का कुंआ बना उसकी तरक्की का साथी

महावीर सिंह का कुंआ बना उसकी तरक्की का साथी

किसान महावीर सिंह के लिए उनके खेत में निर्मित कुंआ उसकी तरक्की का साथी बन गया है। कुंए के पानी से उसने इस साल धान की भरपूर फसल लिया है और सब्जियों की खेती भी कर रहा है। कभी खुद के लिए रोजगार खोजने वाला यह किसान अब आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हो रहा है। कुंआ निर्माण के पहले पानी के अभाव में वह ऐसा सोच भी नहीं सकता था।
महावीर सिंह मूलत: विकासखंड भरतपुर के सूदूर वनांचल के ग्राम जैती के रहने वाले है। ग्राम जैती जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर से लगभग 175 किलोमीटर दूर स्थित है। इस ग्राम में महावीर सिंह अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रहा है। गांव में ग्राम सभा ने उनकी तकदीर बदल दी है। बात शुरू होती है उस ग्राम सभा से जिसमें महावीर सिंह को जब जानकारी मिली की सिंचाई कूप निर्माण अंतर्गत निजी कुंआ निर्माण के लिए प्रशासन मदद करता है। महावीर सिंह ने उसी दिन अपनी पंचायत को कुंआ निर्माण के लिए आवेदन दे दिया। कुआ बनाने के लिए उन्हे 1 लाख 80 हजार रुपए की स्वीकृति भी मिली। फिर क्या था मानों आत्मनिर्भर बनने की कहानी उनकी यही से शुरू होने लगी। उन्होने अपने अपने परिवार के साथ अपने खुद खेत पर लगभग 38 से 40 फीट की गहराई का कुंआ खोदा। उन्होने प्लास्टर कर कुंआ को अच्छा स्वरूप दिया। उन्होने कुंए के पानी का सदुपयोग मोटर पंप के माध्यम से कर धान की फसल ली और अब अपने सभी 14 एकड़ असिंचित खेत को और अधिक हरा भरा बनाने के लिए क्रेड़ा विभाग से सौर सुजला योजना के तहत 3 एच.पी. का सोलर सिंचाई पंप लगाने की भी बात कही।
चुंकि महावीर सिंह पंजीकृत सदस्य है। इसलिए उन्हे कुंआ निर्माण के लिए मजदूरी भुगतान भी मिला। उन्हें अपने खेतो को सिंचने के लिए साल भर पानी मिल गया और धान की फसल लेने के बाद अब वह सब्जियों की फसल ले रहा है। महावीर सिंह अपनी तरक्की की कहानी बताते हुए कहते है कि रोजगार गारंटी योजना के कुंआ निर्माण से बहुत फायदा मिला है। अब सुविधानुसार पानी मिल जाने से साल भर खेती कर सकता हंू। सच में मेरी तरक्की की निशानी मेरा कुंआ ही है। उल्लेखनीय है कि रोजगार गारंटी योजना का मुख्य उद्देष्य ग्रामीणों को सुविधा देकर आय के साधन उपलब्ध कराना है और समाज में एक सम्मान जनक स्थान देना है।

Source: 
Vision News Service

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