ये कैसी व्यवस्था, आदिवासी कन्या आश्रम है या फिर कोई गौशाला

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विगत दस वर्षो से संचालित हो रहा नवीन कन्या आश्रम में व्यवस्था ऐसी कि देखने वाले भी हैरान हो जाए। राज्य सरकार शिक्षा के नाम पर करोड़ो खर्च कर रहो, भले ही शिक्षामंत्री व्यवस्थाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हो लेकिन हकीकत कुछ और ही है। इसी व्यवस्था ने एक बच्ची की जान ले ली। गुरूवार सुबह इस आश्रम में अध्यनरत कक्षा पांचवी की छात्रा वंजामी गंगी ने दम तोड़ दिया था। बताया जाता है कि उसे डायरिया हुआ था समय पर इलाज भी हुआ लेकिन ऐसा क्या हुआ कि एकाएक उस बच्ची की जान चली गई।

जिले के छिन्दगढ़ विकासखण्ड़ स्थित नवीन कन्या आश्रम केरातोंग वैसे तो नक्सल प्रभावित है लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र दो किमी. ही अंदर स्थित आश्रम गांव के एक स्कूल भवन में संचालित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक इस आश्रम की शुरूआत 2006 में हुई थी। वर्तमान में इस आश्रम में कक्षा एक से पांचवी तक की कक्षाए संचालित हो रही है। और करीब 60 बच्चे अध्यनरत है।

आश्रम भवन में कुल तीन कमरे है। जिसमें एक कमरे में आश्रम का आफिस संचालित होता है और दूसरे दो कमरो में बच्चों के लिए पलंग लगे हुए है। दोनो कमरो में 22 पलंग लगे हुए है और उन पलंगो में 60 बच्चे रात में विश्राम करते है। दिनभर स्कूल में पढ़ने के बाद सोचिए कि वो कैसे पलंग में सोते है। शायद एक छोटे से पंलग पर तीन बच्चे सोने के लिए मजबूर है। साथ ही कमरो में काफी उमस व गर्मी रहती है। रात में लाईट भी बराबर नहीं रहती। इसलिए बच्चो का बीमार होना स्भाविक है।

जिले में शिक्षा के नाम पर करोड़ो के कार्य कराए जा रहे है। इस आश्रम की अधीक्षिका की माने तो कई बार उन्होने इस समस्या से अवगत कराया। उसके बावजूद वहा पर अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य नहीं हुआ। बल्कि जहां पर भवनो की जरूरत नहीं थी वहा पर अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य हो गया।

जानकारी के मुताबिक केरातोंग का आश्रम भवन का निर्माण कार्य गांव में शुरू हुआ था। लेकिन नक्सलियों ने भवन का निर्माणाधीन ही ध्वस्त कर दिया था। उसके बाद फिर से जिला निर्माण से करीब 80 लाख की लागत से दूसरा भवन एनएच के किनारे बन रहा है। लगभग दो माह में कार्य पूर्ण हो जाऐंगा।

हर बार अधिकारियों को कराते है अवगत- अधीक्षिका

आश्रम अधीक्षीका मिथलेश मरकाम ने बताया कि वो पिछले तीन सालो से वहा पर अधीक्षीका के पद पर कार्यरत है। तीन सालो में कई बार जब विकासखण्ड में बैठक होती है तो अधिकारियों को अवगत कराते है। साथ ही जब अधिकारी जांच पर आते है तब भी कमरो की कमी होने के बात मौखिक व लिखित दोनो रूप से बताई जाती है। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया।

नए भवन का हो रहा निर्माण – रामटेके

सहायक आयुक्त रामटेके ने बताया कि उस आश्रम के लिए तत्कालीन व्यवस्था की गई थी। आश्रम भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। बहुत जल्द नया भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाऐंगा।

Source: 
lalluram.com

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