रिश्वत मांगने वाले नायब तहसीलदार को 5 साल की सजा

रिश्वत मांगने वाले नायब तहसीलदार को दुर्ग न्यायालय ने मंगलवार को 5 साल की सजा से दंडित किया है । उन्होंने पैतृक जमीन का नामांतरण किए जाने के नाम पर रिश्वत मांगा था। इसके अलावा उक्त नायब तहसीलदार पर 80 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जिले में यह पहला मामला है जब भ्रष्टाचार से जुड़े किसी मामले में अधिकारी को 5 साल तक की सजा सुनाई गई है । न्यायाधीश गरिमा शर्मा के न्यायालय से यह फैसला आया है। मामले में राज्य शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक विजय कसार ने की।
00 क्या था पूरा मामला :
प्रकरण के मुताबिक बैगापारा दुर्ग निवासी राजेंद्र सोनी की धमधा में पैतृक जमीन थी। उन्होंने अपने पिता के निधन के बाद जमीन का नामांतरण अपने और अन्य बहनों के नाम पर कराए जाने के लिए धमधा तहसील में आवेदन किया। नायब तहसीलदार बैनर्जी की ओर से 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई। इसकी शिकायत राजेंद्र सोनी ने एन्टी करप्शन ब्यूरो से की । एन्टी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पहले मोबाइल पर राजेंद्र व लक्ष्मीकांत की बात रिकार्ड की। इसके बाद राजेंद्र को 5 हजार रुपए रिश्वत के रूप में लक्ष्मीकांत को देने के लिए दिए गए। एन्टी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उन्हें रिश्वत लेते 16 दिसंबर 2014 को तहसील कार्यालय के पास रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।

Source: 
Vision News Service

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