शासकीय स्कूलों के बच्चों को दी जा रही अतिरिक्त शिक्षा

शासकीय स्कूलों के बच्चों को दी जा रही अतिरिक्त शिक्षा

शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत कमजोर बच्चों में शिक्षा का बेहतर विकास करने तथा बच्चों को नवोदय विद्यालय सहित स्कूल समय के बाद अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन कर बच्चों को दो घंटे अतिरिक्त शिक्षा देने का काम खैरागढ़ ब्लॉक के पिपरिया संकुल से शुरू की गई है।
ज्ञात हो कि खैरागढ़ ब्लॉक के 16 संकुलों में सबसे पहले पिपरिया संकुल से इस नेक पहल की शुरूआत की गई, जहां बेहतर ढंग से बच्चों को शिक्षा दी गई। संकुल प्रभारी रामेश्वर वर्मा के मार्गदर्शन में प्राथमिक शाला नवीन पिपरिया और प्राथमिक शाला कटंगीकला में स्कूल की छुट्टी के बाद रोजाना शाम को अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन शिक्षक सहित गांव के निजी शिक्षक भी कर रहे हैं। नवीन पिपरिया में अतिरिक्त कक्षाओं का निरीक्षण करने पहुँची अतिरिक्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी अमरीका देवंागन ने बच्चों के लिये बेहतर प्रयास बताते इसे बाकी संकुलों में भी शुरूआत करने की बात कही। इस दौरान नवीन पिपरिया प्राथमिक शाला सहित कटंगीकला प्राशा में भी अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन कर पांचवीं के बच्चों को नवोदय चयन परीक्षा की बेहतर तैयारी करायी जा रही है। संकुल प्रभारी श्री वर्मा ने बताया कि नवीन पिपरिया में शिक्षक संतोष जोशी स्वयं अतिरिक्त समय देकर बच्चों की अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन स्कूल प्रांगण में ही कर रहे हंै। यहां रोजाना 30 से अधिक बच्चे पहुँच रहे हैं, सभी बच्चों को नवोदय चयन परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। पांचवीं सहित अन्य कक्षाओं के साथ कमजोर बच्चों को भी कक्षाओं के अनुरूप पठन-पाठन कराया जा रहा है।
ज्ञात हो कि संकुल स्तर पर हुई इस शुरूआत में शिक्षक सहित समन्वयक भी अपनी बेहतर सहभागिता निभा रहे हैं। कटंगीकला प्राशा में गांव के ही निजी शिक्षक देवलाल पटेल की ओर से पांचवीं कक्षा के बच्चों को नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा की तैयारी कराया जा रहा है। वहीं कूल सहित निजी जगहों पर भी अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यहां 40 बच्चें रोजाना अतिरिक्त कक्षाओं का लाभ ले रहे हैं। अतिरिक्त कक्षाओं के संचालन की जानकारी होने पर नवीन पिपरिया पहुँची एबीईओ अमरीका देवंागन ने इसे बच्चों के पढ़ाई को लेकर एक बेहतर प्रयास बताया। शासकीय स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं के संचालन से कमजोर बच्चों को शिक्षा के साथ खेल की बारिकियाँ भी समझाई जा रही है। वहीं दूसरी ओर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये भी बच्चों को तैयार किया जा रहा है। सुश्री देवंागन ने बताया कि खैरागढ़ ब्लॉक के 16 संकुलों में पिपरिया संकुल के साथ ही इस प्रयास को बाकी संकुलों में भी शुरू कराने संकुल प्रभारियों को जानकारी दी जायेगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ कमजोर बच्चे भी इसका बेहतर लाभ ले सके।

Source: 
visionnewsservice.in

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