संस्कारी शिक्षा से ही मानव कल्याण संभव: ताम्रध्वज साहू

संस्कारी शिक्षा से ही मानव कल्याण संभव: ताम्रध्वज साहू

गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने खालसा पब्लिक स्कूल में आयोजित इंस्पायर अवार्ड मानक-2019 के राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर गृह मंत्री साहू ने बाल वैज्ञानिकों को पे्ररित करते हुए कहा कि जीवन में अनेक कार्य करने होते हैं। सभी कार्य का एक विशेष महत्व होता है। बाल वैज्ञानिकों ने जो रास्ता चुना है वह विश्व समुदाय और मानव कल्याण के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा है कि यह उम्र कुछ विशेष करने और सीखने का होता है। इस उम्र में बच्चे जो कुछ भी ठान लेते है, उसे कर गुजरने की दृढ़र्ण इच्छा शक्ति होती है। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि एक निश्चित लक्ष्य निर्धारित कर अपनी मंजिल का रास्ता अख्तियार करें। बाल वैज्ञानिक की अवधारणा को सार्थक करें। विज्ञान के क्षेत्र में अपार संभावनाएं है। इस क्षेत्र में निरंतर नये खोज और अनुसंधान की संभावनाएं बनी रहती है। बाल वैज्ञानिक अपनी सोच और अवधारणा को स्थापित करते हुए अपना पहचान बनाए।
उन्होंने शिक्षकों को अपनी सलाह देते हुए कहा कि केवल पाठ्यक्रम पर आधारित शिक्षा नहीं होनी चाहिए। पाठ्यक्रम के साथ ही विभिन्न गतिविधियों पर आधारित शिक्षा होनी चाहिए। उन्होंने प्रतिदिन एक काल खण्ड संस्कारी शिक्षा के लिए निर्धारित करते हुए बच्चों को संस्कारवान बनाने कहा। उन्होंने कहा कि संस्कारी शिक्षा से ही मानव जगत और विश्व का कल्याण किया जा सकता है। इस अवसर पर गृह मंत्री साहू ने बाल वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देते हुए अपनी सोच और वैज्ञानिक अवधारणा को बनाए रखने आशीर्वचन दिया।
कार्यालय संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग का लोकार्पण
गृह मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में नवनिर्मित कार्यालय संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि दुर्ग जिले का स्वर्णिम इतिहास रहा है। जिले की पहचान को बनाए रखने और नये आयामों के लिए आगे भी अवसर खुला रहेगा। उन्होंने शिक्षकों एवं अन्य बुद्धिजीवों को जिले की पहचान स्थापित करने के लिए नये कुछ आयामों का प्रस्ताव देने कहा। शिक्षा विभाग को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संयुक्त संचालक कार्यालय का शुभारंभ हो जाने से अब शिक्षा विभाग दुर्ग को रायपुर पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। अब बेहतर ढंग से शिक्षा विभाग का संचालन हो सकेगा।

Source: 
visionnewsservice.in

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