समितियो में धान रखने जगह की कमी, किसानों को हो रही परेशानी

समितियो में धान रखने जगह की कमी, किसानों को हो रही परेशानी

कर्ज माफी और समर्थन मूल्य 2500 रुपए होने के बाद क्षेत्र की सहकारी समितियों में पहुंच रही धान की बंपर आवक ने मुश्किलें बढ़ा दी है। इस पर भी परिवहन व्यवस्था लचर होने के कारण समस्या दुगुनी हो गई है।
जानकारी अनुसार खैरागढ़ के अंर्तगत 7 समितियों में अब समिति परिसर में धान रखने की जगह कम पड़ रही है। केंद्रो में लगातार हो रही धान की खरीद के कारण सप्ताह भर बाद केंद्रो में धान रखने की जगह नहीं बचने के कारण केंद्रों में खरीदी बंद करनी पड़ सकती है, जिसे लेकर जिला प्रशासन या शासन के नुमाइंदे अब तक केवल कागजी कार्रवाई में ही मशगूल हैं। सीधे तौर पर कहे तो जिला प्रशासन की ओर से अभी तक परिवहन व्यवस्था दु्रत गति से शुरू नहीं की गई है और हर साल की तरह इस साल भी धान खरीदी अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई है जिसका खमियाजा किसानो और समिति प्रबंधन को उठाना पड़ रहा है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक खैरागढ़ ब्लॉक के सात खरीदी केंदो में 9 जनवरी तक की स्थिति में ही कुल 141013.80 क्विंटल धान जाम हो चुका है। लगातार बढ़ती आवक के बाद खरीदी केंद्रों में रखे धान से परेशानियां भी हो रही है। खैरागढ़ ब्लॉक में अब तक सात खरीदी केंद्रों में 8271 किसानों से 412337.80 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है जिसे एवज में किसानों को करोड़ों रुपए का भुगतान किया जा चुका है। राज्य शासन की मंशानुरूप केन्द्रो में धान की अच्छी खरीद के बाद भी किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही हैं, वहीं व्यवस्था को सुचारू करने समिति प्रबंधन के कर्मी भी हलाकान हो रहे हैं। जानकारी अनुसार इस वर्ष लिकिंग में धान की बेहतर आवक दर्ज की गई, लेकिन नई सरकार की कर्ज माफी की घोषणा के बाद लिंकिंग बंद की गई हैं। वहीं धान बिक्री की रकम सीधे किसानों के खाते में डाली जा रही हैं। जाम की स्थिति में अमलीपारा केंद्र में 105276.20 क्विंटल, आमदनी में 35283.80 क्विंटल, बढ़ईटोला में 46456.80 क्विंटल, डोकराभांठा में 47618.80 क्विंटल, सलोनी में 69804 क्विंटल, जालबांधा में 56380.40 क्विंटल तथा जालबांधा के उपकेन्द्र मड़ौदा में 51517.80 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है तथा परिवहन के इंतजार में अभी भी दन समितियों में 141013.80 क्विंटल धान शेष आसमान के नीचे रखा हुआ है। धान के परिवहन ठीक नहीं होने से खरीदी केंद्रो के कर्मचारी भी अधर में हंै। धान जाम होने तथा धान में नमी के कारण सूखत की समस्या आते ही परेशानी शुरू हो जाती है, जिसके बाद तौल में कमी आने आने खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ता है। जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने बताया कि धान का परिवहन सही नहीं होने से परेशानी आ रही है। परिवहन व्यवस्था जल्द व्यवस्थित होने की उम्मीद है। खरीदी केंद्रो में आवक बढऩे के साथ जगह की दिक्कत हो रही है, जो परिवहन शुरू होते ही दूर हो जाएगी, लेकिन धान की लंबी-चौड़ी आवक को देखकर लग नहीं रहा कि आने वाले पखवाड़े भर समितियों की मुश्किलें कम होंगी। खरीदी केन्द्रों में धान की जोरदार आवक के कारण गांवों से धान लेकर केंद्र में पहुंच रहे किसानों को बढ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा हैं, क्षेत्र की जालबांधा समिति में तो केन्द्र के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर लंबी धान से भरी गाडिय़ों की कतार लगी हुई है, जिसमें उनके अथक परिश्रम का धान भरा पड़ा हैं। इन पिरस्थितियों में अब किसानों को धान का बचाव करने रतजगा भी करना पड़ रहा है। वहीं केंद्रों में बेहतर आवक के कारण रोजाना किसानों को अतिरिक्त समय लग रहा है, जिसके चलते धान की बिक्री के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। खरीदी केंद्रों में किसानों को धान की निगरानी खुद करनी पड़ रही है। आवक अधिक होने से किसानों को खरीदी केंद्रो में दो दिनों तक भी रूकना पड़ रहा है इस कारण किसान परेशान है।
00 कर्ज माफी और समर्थन मूल्य बढऩे के कारण इस साल अधिकतम धान समितियों में पहुंच रहा है। किसान 5-6 क्विंटल धान भी लेकर केन्द्र में बेचने पहुंच रहे हैं। व्यवस्था बनाने पूरी कोशिश की जा रही है, लेकिन परिवहन की गति धीमी है। पत्राचार किया जा रहा है। परिवहन सुधरने पर व्यवस्था पटरी पर आ जायेगी।
- आर.के. सिंह, शाखा प्रबंधक सहकारी बैंक, खैरागढ़

Source: 
visionnewsservice.in

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