सामाजिक आर्थिक परिवर्तन का वाहक बनें आम नागरिक : चंद्राकर

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प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास और लोक स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने गुरुवार दोपहर कुरूद विधानसभा क्षेत्र के विधायक आदर्श ग्राम परखंदा में 7.09 हेक्टेयर जलक्षेत्र में एक करोड़ 66 लाख 31 हजार रुपए की लागत से नवनिर्मित मत्स्य बीज हेचरी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पांच मत्स्यपालकों को 25-25 लाख मछली बीज स्पॉन का वितरण किया, साथ ही मछुआ समितियों के 10 सदस्यों को मछुआ आवास निर्माण योजनांतर्गत द्वितीय किश्त के तौर पर 25-25 हजार रुपए के चेक वितरित किए। मंच पर जिला पंचायत अध्यक्ष रघुनंदन साहू, सदस्य फत्तेलाल ध्रुव और जनपद पंचायत कुरूद की अध्यक्ष पूर्णिमा साहू मौजूद थीं।
इस अवसर पर पंचायत मंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों और मत्स्यपालन से जुड़े किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में सरकार की ओर से मछलीपालकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं बनाई गई हैं, लेकिन अब सिर्फ विकास ही नहीं, समावेशी विकास के बारे में लोगों को सोचना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सरकार साधन व संसाधन जुटाती हैं, किन्तु सामाजिक, आर्थिक और सर्वांगीण विकास के लिए परिवर्तन का वाहक आम आदमी को ही बनना पड़ेगा। केबिनेट मंत्री ने श्री पांडुरंग आठवले की ओर से चलाए गए स्वाध्याय आंदोलन का स्मरण करते हुए मछुआ समाज को अपने पारम्परिक व्यवसाय को कौशलयुक्त बनाने तकनीकी दक्षता हासिल करने का आव्हान किया। इसके अलावा उन्होंने नशामुक्त, शिक्षित, स्वस्थ और सुपोषित समाज निर्माण करने की भी अपील उपस्थित ग्रामीणों से की। पंचायत विकास मंत्री ने कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी, पशुपालन और मछलीपालन के क्षेत्र में नवाचारी व्यवसाय अपनाने की बात कही। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि, उक्त हेचरी के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी, जिससे एक नई क्रांति का सूत्रपात होगा।
इस दौरान पंचायत मंत्री और अन्य अतिथियों की ओर से हेचरी का अवलोकन किया गया, साथ ही परिसर में उनकी ओर से फलदार पौधे भी रोपे गए। उल्लेखनीय है कि विधायक आदर्श ग्राम परखंदा में मछलीपालन विभाग की ओर से 7.09 हेक्टेयर (लगभग 17 एकड़) क्षेत्र में मत्स्यबीज हेचरी का निर्माण एक करोड़ 66 लाख 31 हजार रुपए की लागत से किया गया है। इसकी स्थापना से एक करोड़ स्टे फ्राई का अतिरिक्त उत्पादन होगा। हेचरी में कुल 21 पॉण्ड हैं। जिनमें तीन प्रजनक, 12 संवद्र्धन और पांच नर्सरी पॉण्ड और एक फ्रेश वॉटर पॉण्ड बनाया गया है। इसके निर्माण से कुरूद और मगरलोड के मछलीपालकों को गुणवत्तायुक्त मत्स्यबीज शासकीय दर पर सुगमता से उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे मगरलोड व कुरूद के 1676 हेक्टेयर जलक्षेत्र में मछलीपालन का कार्य होगा, जिससे 2557 हितग्राही लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, जिला पंचायत के सी.ई.ओ. विनीत नंदनवार, सहायक संचालक मत्स्यपालन बीना गढ़पायले सहित विभिन्न विभाग के अधिकारीगण और क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण और काफी संख्या में मछलीपालक और ग्रामीणजन मौजूद थे।

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