सीएम नहीं होता तो देश के दुश्मनों से लोहा ले रहा होता : रमन

    सीएम नहीं होता तो देश के दुश्मनों से लोहा ले रहा होता : रमन

अपने सरल और मृदुल स्वभाव के लिए जाने-जाने वाले प्रदेश के मुखिया अगर राजनीति में नहीं होते तो देश की रक्षा के लिए दुश्मनों से लोहा ले रहे होते। ये बातें उन्होंने खुद मंगलवार को दुर्ग के समरसता मेले में बच्चों के सवालों के जवाब में कही। यह आयोजन दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में चल रहा था। यहां उनका सामना अबूझमाड की एक बेटी से हुआ। उसने सीएम से सीधा सवाल किया जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि -अगर मैं मुख्यमंत्री अथवा डॉक्टर नहीं होता तो सेना में होता। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ स्कूली शिक्षा मंत्री केदार कश्यप, रमशीला साहू भी मौजूद थीं। इस आयोजन में दस हजार बच्चे शामिल हुए ।
00 छात्रों से सीधे मुखातिब हुए सीएम :
नारायणपुर की एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से उनके आदर्श के बारे में पूछा तो सीएम ने कहा - स्वामी विवेकानंद मेरे आदर्श हंै और शायद हर युवा पीढ़ी के आदर्श होंगे क्योंकि उन्होंने देश और संस्कृति का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया।
सूरजपुर के छात्र ने पूछा कि किस घटना से प्रेरित होकर उन्होंने प्रयास जैसी योजना की शुरुआत की? मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई डॉक्टर बस्तर सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में नहीं जाना चाहता था। मेरे साथ पढऩे वाला मुझसे ज्यादा होनहार बच्चा आगे की पढ़ाई नहीं कर सका। इसी वजह से दूरस्थ अंचलों के बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रयास की शुरुआत की। सीएम ने छात्र के सवाल पर अगले साल से प्रयास की सीट दोगुनी करने की घोषणा भी की।
00 उच्च शिक्षा मंत्री का प्रयास होगा सफल :
मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि जिस दिन बस्तर, सरगुजा के बच्चे अपने क्षेत्रों में आइएएस, आईपीएस, डॉक्टर और डीएफओ बनकर आएंगे उस दिन रमनसिंह, शिक्षामंत्री केदार कश्यप और उच्चशिक्षामंत्री प्रेमप्रकाश पांडे का प्रयास सफल होगा।

Source: 
Vision News Service

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