सीड ड्रिल से दलहन,तिलहन फसलों की बोआई करने की सलाह

कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को धान कटाई के बाद खेतों की नमी का बेहतर उपयोग करने के लिए कहा है। जीरो सीड ड्रिल से रबी मौसम की दलहन और तिलहन फसलों की बोआई करने की सलाह दी है। कृषि वैज्ञानिकों की ओर से आज यहां जारी विशेष कृषि बुलेटिन में यह सलाह दी गई है।
कृषि बुलेटिन मेें कहा गया है कि रबी मौसम में चने के जिन खेतों में हर साल उकठा और काॅलर राॅट बीमारी का प्रकोप होता है उन खेतों में चने के स्थान पर गेहूं, तिवरा, कुसुम और अलसी की फसल लेनी चाहिए।
कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि फलदार उद्यानों में सिंचाई की टपक पद्धति का उपयोग करना चाहिए इससे जल की उपयोगिता बढ़ती है। कम पानी में अधिक क्षेत्रफल में सिंचाई की जा सकती है।
रबी मौसम में टमाटर, भिण्डी और बैगन की फसल में भेदक कीट का नियंत्रण करने के लिए प्रति हेक्टेयर 20 फिरोमेन टेªप का प्रयोग करना लाभदायक होता है। सब्जियों के बीजों की बोआई से पहले मेटालेक्सील दवा एक ग्राम प्रति किलो बीज दर से उपचारित करना चाहिए।
छोटे किसान बैल चलित भोरमदेव सीड ड्रिल का प्रयोग कर चने की कतार बोआई कर सकते है। उथली जोताई के लिए रोटावेटर का उपयोग करने से समय व ईंधन की बचत होती है। रीपर मशीन से एक घण्टे में एक एकड़ धान फसल की कटाई की जा सकती है।

Source: 
visionnewsservice.in

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