40 साल इंतजार के बाद ग्रामीण खुद जुटे और बना डाला कुटनी नदी पर 100 फुट लम्बा पुल

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जिला मुख्यालय से 135 किमी दूर बांदे के छोटे बेठिया-अछिनपुर मार्ग की कुटनी नदी पर पुल बनाने की मांग करते ग्रामीण को 40 साल हो गए। जनसमस्या निवारण शिविर, लोक सुराज, जनदर्शन, सांसद, विधायक सभी जगह आवेदन दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आखिर ग्रामीणों ने ठाना कि अब प्रशासन के भरोसे नहीं रहेंगे और 100 फुट से अधिक लंबा पुल बनाने खुद जुट गए। पखांजूर ब्लॉक का बांदे थाना नक्सली इलाका होने की वजह से अतिसंवेदनशील है।
00 रोज 300 से 400 लोग करते हैं आना-जाना
कुटनी नदी के पार करीब 30 गांव पीवी-94 मेहड़ा, कुटनी पीवी-62, जुरन मेहड़ा, माचपल्ली, बारदा आदि के करीब 300 से 400 लोग रोजाना नदी पार करते हैं। बारिश में नदी में पानी आने पर बच्चों को लकड़ी के नाव पर बैठाकर नदी पार कराते हैं। वहीं पानी बढ़ जाने पर स्कूल जाना बंद हो जाता है। करीब 3 महीने ये गांव पखांजूर से कटे रहते हैं। किसी के गंभीर रूप से बीमार पडऩे पर उसका इलाज मुश्किल हो जाता है।
00 सांसद से लेकर विधायक तक लगाई थी फरियाद
जिला पंचायत सदस्य सुप्रकाश मलिक ने बताया कि नदी पर पुल बनाने के लिए हर साल कई आवेदन देते हैं। सांसद विक्रम उसेंडी, विधायक भोजराज नाग को भी आवेदन दे चुके हैं। कहीं पहल नहीं हुई। इस पर 16 जुलाई को सभी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें खुद लकड़ी का पुल बनाने का निर्णय लिया गया। 17 जुलाई से काम शुरू कर दिया गया। शनिवार तक पुल शुरू हो जाएगा।

Source: 
visionnewsservice.in

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