Agriculture

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कृषि विज्ञान केन्द्र में मशरूम उत्पादन के लिए मिला प्रशिक्षण

कृषि विज्ञान केन्द्र में मशरूम उत्पादन के लिए मिला प्रशिक्षण

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और प्रोजेक्ट लाइफ अंतर्गत किसानों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। आवासीय प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केन्द्र में दिया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक के.डी. महंत ने मशरूम की उपादेयता बाजार और ई-मार्केटिंग से व्यवसाय आदि की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण उपरांत किसानों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

सभी किसानों को मिलेगा स्वायल हेल्थ कार्ड

सभी किसानों को मिलेगा स्वायल हेल्थ कार्ड

जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कृषि विभाग के प्रगति की कलेक्टर ने समीक्षा की। कलेक्टर ने एस. भारतीदासन कहा कि आगामी जनवरी माह के अंत तक शत-प्रतिशत नमूने विश्लेषित कर स्वायल हेल्थ कार्ड कृषकों को दिया जाएगा । आगामी 15 दिसम्बर तक दो हजार 230 फसल कटाई प्रयोग किया जाना है। जिसे आनलाइन अपलोड करते हुए फसल कटाई की जानकारी निर्धारित प्रारूप में भू-अभिलेख शाखा में जमा करना है। इस कार्य को प्राथमिकता के साथ समय पर पूर्ण करने के निर्देश कृषि विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
00 तैयार स्वायल कार्ड्स के प्रिंट तैयार कर वितरण के दिए आदेश :

किसानों को मुफ्त मिलेगा आलू का बीज : कलेक्टर

रोजगार गारंटी के तहत वर्ष 2016-7 और 2017-18 में सबसे ज्यादा कार्य करने वाले किसानों को चिन्हांकित करके आलू बीज का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा । प्रति विकासखण्ड से किसानों को चयनित कर सभी गांवों के किसानों को जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में वितरण होगा। मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक में कलेक्टर केसी देवसेनापति ने सभी लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजीव कुमार झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसआर भगत उपस्थित थे। बैठक में जिले के सभी विभाग प्रमुखों को सीएम जनदर्शन, कमिश्नर जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन सहित सामान्य

धान खरीदी पर रखें सतत निगरानी : कलेक्टर

धान खरीदी पर रखें सतत निगरानी : कलेक्टर

जिला कार्यालय के सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने विभागीय कामकाज की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि जिले के धान खरीदी केन्द्रों के लिए राजस्व अधिकारियों को भी नोडल अधिकारी बनाया गया है। खरीदी केन्द्रों की सतत निगरानी रखें। वास्तविक किसान के सही रकबे के धान की खरीदी होनी चाहिए। खरीदी केन्द्र में व्यापारी और बिचौलियों को धान बेचने से रोकना होगा। इसके लिए धान परिवहन करते हुए वाहनों की भी जांच करनी होगी। खरीदी केन्द्र में आए किसानों की ऋण पुस्तिका उस तारीख का टोकन आदि की जांच भी नोडल अधिकारियों की ओर से की जाएगी।

प्रदेश में आज से धान खरीदी शुरू, सीएम रमन सिंह ने दी शुभकामनाएं

प्रदेश में आज से धान खरीदी शुरू, सीएम रमन सिंह ने दी शुभकामनाएं

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर आज से धान और मक्के की खरीदी शुरू हो गई. इसके लिए विशेष तैयारी की गई है, ताकि कोई अव्यवस्था नहीं फैले. धान खरीदी की निगरानी खाद्य विभाग, मार्कफेड, नान, अपेक्स बैंक, भंडार गृह नगर निगम के अधिकारी करेंगे. कलेक्टरों ने नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए हैं.

प्रदेश के 1,333 प्राथमिक सहकारी समिति और 1992 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की जा रही है. बता दें कि 31 जनवरी 2018 तक धान और 31 मई 2018 तक मक्के की खरीदी की जाएगी.

बता दें कि मोटा धान 1550 रु/क्विंटल और पतला धान 1590 रु/क्विंटल के रेट पर खरीदा जाएगा. इस बार 70 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है.

15 से शुरु होगी धान खरीदी

जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 15 नवम्बर 2017 से 31 जनवरी 2018 तक की जाएगी। इसके लिए जिले में 54 सहकारी समितियों के अंतर्गत 86 धान उपार्जन केन्द्र बनाए गए है। शासन की ओर से कॉमन धान प्रति क्ंिवटल 1550 रुपए और ए गे्रड धान की कीमत प्रति क्ंिवटल 1590 रुपए निर्धारित की गई है।

कोरबा के 41 केंद्रों में होगी धान खरीदी

सोमवार को खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में 15 नवंबर से शुरू होने जा रहे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के संबंध में कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने धान उपार्जन केन्द्रों में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिलाधीश मो. कैसर अब्दुल हक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान उपार्जन केंद्रों में किसानों को अपना धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं बनाकर रखें। पीने का साफ पानी, एप्रोच मार्ग, छाया सुनिश्चित कर लें । इसके अलावा किसानों को समय पर टोकन उपलब्ध हो।
00 खरीदी केंद्रों पर कैसी हो व्यवस्था :

`शासन के नए आदेश ने उड़ाई किसानों की नींद

शासन के नए आदेश की खबर ने ना सिर्फ किसानों की नींद उड़ा दी है धान खरीदने वाली सहकारी समितियों को भी असमंजस में डाल दिया है, जिससे कई समितियों ने टोकन काटना फिलहाल बंद कर दिया है । टोकन लेने पहुंचे किसानों को समितियों से बैरंग लौटना पड़ रहा है।
शासन की ओर से धान खरीदी को लेकर नए आदेश जारी किया गया है जिसके तहत कोई भी किसान केवल तीन बार ही धान बेच पाएगा। नए नियम में यह भी प्रावधान किया गया है किसान अब किसी भी किस्म का धान इन तीन बार में समितियों में बेच सकते हैं।
00 टोकन कटाने से बच रहे किसान :

खरीफ मौसम में 12.94 लाख किसान शामिल

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ वर्ष 2017 में छत्तीसगढ़ के 12 लाख 94 हजार 258 किसानों की फसलों का बीमा कराया गया है। इनमें 11 लाख 30 हजार 494 ऋणी और एक लाख 63 हजार 764 अऋणी किसान शामिल हैं। खरीफ फसलों का छह हजार 585 करोड़ 50 लाख रुपए का बीमा कराया गया है।

खेतों में पहुंचा पानी, अब साल भर लहलहाते हैं खेत

 खेतों में पहुंचा पानी, अब साल भर लहलहाते हैं खेत

सिंचाई की सुविधा के बिना खेती हमेशा से जोखिम भरा रहा है। कृषि में इस जोखिम को कम करने प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। बागवानी यंत्रीकरण योजना के तहत खेतों में स्थापित नलकूपों ने अनेक किसानों की जिंदगी बदल दी है। सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने से किसान अब अच्छी पैदावार ले रहे हैं। कभी एक फसली रहने वाले इलाके अब गर्मियों में भी लहलहाते हैं।

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