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स्वास्थ्य शिविर में 200 से अधिक मरीजों ने कराया इलाज

स्थानीय रामभांठा संजय मैदान में बुधवार को दिव्य शक्ति के बैनर तले तीसरे स्वास्थ्य शिविर में 200 से अधिक लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराते हुए शिविर का लाभ उठाया। शिविर में महिलाओं के साथ-साथ युवाओं ने भी वहां उपस्थित डॉक्टरों से अपने विभिन्न रोगों से संबंधित जानकारी भी ली।

सखी सेन्टर के प्रयास से मनोरोगी महिला को मिला उचित उपचार

एक मानसिक रोगी महिला जिसे घर वालो ने रखने से इंकार कर दिया। गांव वाले भी उस विक्षिप्त महिला से परेशान थे। महिला दिन रात सड़को पर इधर-उधर भटक रही थी। सरकार ने ऐसी पीडि़त महिलाओं को सम्मानपूर्व जीवन जीने के लिए कानून भी बनाया है। इसके लिए प्रशासन को जिम्मेदारी दी है। मानसिक रोगी महिला को उचित उपचार नहीं मिल पाने से दरदर भटकने को मजबूर थी। शासन के महिला बाल विकास की ओर से संचालित संस्था सखी वन स्टॉप सेन्टर सभी जिलों में पीडि़त महिलाओं के लिए संजीवनी की तरह काम कर रही है। धमतरी में संचालित संस्था ने एक मानसिक रोग से पीडि़त महिला को अपनी संस्था में आश्रय देकर उसके समुचित ईलाज की व्यवस्था करने में

नि:शुल्क कैंसर जांच और स्वास्थ्य शिविर नैला में 3 को

 नि:शुल्क कैंसर जांच और स्वास्थ्य शिविर नैला में 3 को

मारवाड़ी युवा मंच नैला जांजगीर और जागृति नैला जांजगीर की ओर से नि:शुल्क कैंसर जांच शिविर और स्वास्थ्य शिविर के लिए 3 नवंबर को शहर में पहली बार दिल्ली से नि:शुल्क कैंसर जांच वैन बुलाई जा रही है जिस वैन मे ग्लूकोमीटर, वजन, ब्लड प्रेसर, मैमोग्राफी, एंडोस्कोपी, पप स्मीयर स्वैप कलेक्शन, डेंटल चेयर सिर और घुटनों के परीक्षण आदि की जांच नि:शुल्क की जाएगी।

नि:शुल्क स्वाथ्य शिविर में 100 से अधिक लोगों ने करवाई जांच

1 नवम्बर दिव्य शक्ति समूह के बैनर तले बुधवार को पंचायती धर्मशाला में नि:शुल्क स्वथ्य शिविर होगा। राजा महल परिसर के बाद दूसरे शिविर में भी शहर विधायक रोशनलाल अग्रवाल ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। इस दौरार उन्होंने कार्यक्रम समिति की प्रमुख कविता बेरीवाल के प्रयास की तारीफ करते हुए कहा कि, ऐसे स्वस्थ शिविर से गरीब तबके के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होता है। उन्होंने कहा कि, हर बुधवार को होने वाले कार्यक्रम में सभी वर्ग के लोगों मे जागरूकता भी आएगी। वार्डों में जाकर शिविर लगाने से दवाओं के लिए भी कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

बढ़ते डेंगू को लेकर रायगढ़ बंद

बढ़ते डेंगू को लेकर रायगढ़ बंद

एक तरफ जहां छत्तीसगढ़ राज्य अपने गठन के 17 साल पूरे होनें का जश्र मना रहा है। वहीं कांगे्रस पार्टी के लोग रायगढ़ में बढ़ते डेंगू बीमारी को लेकर प्रशासन के विरोध में रायगढ़ बंद कर प्रदर्शन कर रहे हंै। 1 नवंबर को सुबह से ही कांगे्रसी दुकानों को बंद कराने के लिए नारेबाजी करते हुए शहर के अलग-अलग इलाकों में निकले। सुबह से लेकर दोपहर तक वे अपने बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारियों से भी अपील करते नजर आए। कांगे्रसियों का आरोप है कि डेंगू बीमारी जैसे गंभीर मुद्दे पर प्रशासन ने कोई पहल नहीं की है। बार-बार इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करवाया गया। शहर में डेंगू बीमारी माहमारी का रूप

गौरेला के 5 वीं पास ननकू बैगा करते हैं गंभीर बीमारियों के इलाज का दावा

गौरेला के 5 वीं पास ननकू बैगा करते हैं गंभीर बीमारियों के इलाज का दावा

बिलासपुर के गौरेला के घने जंगलों के बीच बसे बानघाट पीढ़ा गांव के ननकू बैगा जड़ी—बूटियों से लोगों के गंभीर बीमारियों के इलाज का दावा करते हैं। उनकी दी गई दवाओं से लोगों को लाभ भी मिल रहा है। इसके चलते इलाज कराने वालों की भीड़ इनके यहां जुटती है। वीएनएस की टीम उनके इलाज के दावों की पुष्टि नहीं करती। यहां मौजूद लोगों की भीड़ को हमारी टीम ने जरूर देखा है।
00 विरासत में मिली जानकारी :

बस्तर के गाँवों में बदल रहे मलेरिया के लक्षण

ठंड के साथ तेज बुखार हो तो मलेरिया का उपचार किया जाता है, लेकिन बस्तर में यह लक्षण बदल रहे हैं। शरीर में मलेरिया के पैरासाइट की मौजूदगी के बाद भी ठंड और बुखार जरुरी नहीं है। अब डायरिया और कुपोषण में भी मरीज मलेरिया पॉजीटिव होता है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश धुव ने वीएनएस से कहा कि, वातावरण और खानपान में हो रहे बदलाव से ऐसा संभव है। मलेरिया के लिए हाईरिस्क एरिया के रुप में पूरा बस्तर जाना जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में बुखार पीडि़त 90 फीसदी मरीज मलेरिया पॉजीटिव होता हैं। मरीजों के रक्त में मच्छर प्लास्मोडियम पेल्सीफेरम और प्लास्मोडियम विवैक्स के पैरासाइट रहते हैं।

आंबेडकर अस्पताल प्रबंधन के हाथों में एस्कार्ट के संचालन की जिम्मेदारी

एस्कार्ट हॉस्पिटल का संचालन अब अंबेडकर अस्पताल करेगा। प्रशासन से फोर्टिस से करार खत्म होने के बाद संचालन व्यवस्था अंबेडकर अस्पताल के हाथों में दे दिया है। डीएमई एके चंद्राकर ने वीएनएस से कहा कि एस्कार्ट के संचालन की जिम्मेदारी अंबेडकर अस्पताल को मिल गई है। यहां मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी। टेकओवर समिति में शामिल सदस्यों ने पिछले दिनों स्कार्ट का निरीक्षण किया था और वहां इलाज की जरूरतों के हिसाब से मशीन और उपकरणों की सूची तैयार कर ली है। एस्कार्ट से जो मशीन मिली है, वह काफी पुरानी हो गई है, इसलिए यहां इलाज के लिए नई मशीनों की जरूरत होगी। एस्कार्ट को पुन: तैयार करने में कुछ समय लगेगा,

डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा जिला अस्पताल

जिले में स्वीकृत संख्या की अपेक्षा कई अस्पतालों में डाक्टरों की कमी है। जिला मुख्यालय से लेकर कई सरकारी अस्पतालों में बेहोश करने वाले स्पेशलिस्ट डाक्टरों की नियुक्तियां तक नहीं हुई है। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए यहां भटकना पड़ रहा है। इसके बाद भी शासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।

जिले को कुपोषण मुक्त बनाने युद्ध स्तर पर प्रयास जारी

राजनांदगांव जिले को कुपोषण मुक्त जिला बनाने के लिए महिला और बाल विकास विभाग के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और अन्य सहयोगी विभाग युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। इसके अंतर्गत महिला और बाल विकास विभाग तथा अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिले के सभी कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए छ: माह का समय दिया गया है। कलेक्टर भीम सिंह ने महिला और बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए है। बैठक में कलेक्टर ने जिले में कुपोषण मुक्ति अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों के सभी कुपोषित बच्चों को दूध पिलाने के कार्य की

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