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चुनावी खर्च सीमा के अंदर ही करें : प्रदीप शुक्ला

व्यय प्रेक्षक प्रदीप शुक्ला ने आज यहां जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने निर्वाचन में व्यय से संबंधित विभिन्न जानकारी दी।

लाईवलीहुड कॉलेज की दीवारों में पड़ी दरारें

कोरिया जिले में लाईवलीहुड कॉलेज की दीवारों में पड़ी दरारें। पहली बारिश मेें जब 5 करोड़ की लागत का भवन रिसने लगा, तो मामला मीडिया में उछला, तब बड़ी-बड़ी दरारों में सफेद पुट्टी भरकर उसे छिपाने का प्रयास किया गया। अब फिर भवन की दीवारों में बड़ी बड़ी दरारें सामने आ रही है। ऐसे में अघिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है।
लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता मेश्राम का कहना है कि ठेकेदार ने दरारों को ठीक करवा दिया था ऐसा मुझे बताया गया है। ठेकेदार को पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया है। मैने मौके पर जाकर नहीं देखा है, जाकर देखूंगा कि दरारेें क्यों आई है।

स्वेच्छानुदान राशि का हुआ बंदरबांट : कांग्रेस

चुनाव के दौरान किए गए हर कार्यों को भुनाने की पूरी कोशिश की जाती है ताकि जनता का विश्वास जीता जा सके। भाजपा अब साहू समाज के एक बच्चे के इलाज को लेकर जनता के सामने लाकर यह बताने में जुटी है कि उनकी ओर से समाज के लोगों का इलाज करवाया गया है। इसे चुनाव में भुनाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। हर बाजार में होनी वाली सभा में उक्त बालक को बकायदा लाकर उसे इलाज से हुए फायदे की जानकारी लोगों को देकर वोट बटोरने की तैयारी है। इससे पहले 2008 के चुनाव में एक छात्र को अध्ययन करवाए जाने को लेकर प्रचारित किया गया था उसे हर मंच पर लाकर उपलब्धि के रूप में बखान कर वोट बटोरे गए थे। इधर कांग्रेस का कहना है कि बच्चों

नेताओं के मनमुटाव से कार्यकर्ताओं में असमंजस

कोरिया के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रमुख राजनीतिक दल चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। राजनीतिक दलों के टिकट तय होने के बाद पार्टी में अंदरूनी कलह भी शुरू हो गई है। वहीं हर चुनाव में नेताओं के मनमुटाव से कार्यकर्ताओं में काफी असमंजस की स्थिति बन जाती है। कभी कांग्रेस में मनमुटाव के कारण लोगों ने पार्टी छोड़ी तो कभी भाजपा में। वहीं अभी तक राजनैतिक दलों में उनके इतिहास पर नजर डाले तो नेताओं के बीच मनमुटाव के कारण कार्यकताओं को कई परेशानियों से गुजरना पड़ता है। जिसका सीधा असर चुनाव पर पड़ता है। हर बार पदाधिकारी कार्यकर्ताओं को रिझाने की पूरी कोशिश करते है जो लेकिन घटित होता है उसे छुपाया भी

व्यय प्रेक्षक आब्जर्वर ने प्राप्त की निर्वाचन संबंधी जानकारी

व्यय आब्जर्वर प्रदीप शुक्ला ने शुक्रवार को जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में निर्वाचन में लगे अधिकारियों की बैठक लेकर निर्वाचन संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा निर्देशों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने जिले में आगामी विधानसभा निर्वाचन के लिए जिले सभी मतदान केंद्रों में पेयजल, दिव्यांगों के लिए रैम्प व व्हीलचेयर, विद्युत, षौचालय, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, रूट चार्ट, पहुंच मार्ग, स्वीप आधारित कार्यक्रमों आदि के संबंध में युध्द स्तर पर की जा रही तैयारियों की बिंदुवार जानकारी दी और आब्जर

पहले दिन 6 प्रत्याशियों ने लिया नामांकन फार्म

प्रदेश में दूसरे चरण में होने वाले विधानसभा निर्वाचन के लिए कोरिया जिले में नामनिर्देशन पत्र खरीदने के प्रथम दिन आज जिले के 3 विधानसभा सीटों से कुल 6 प्रत्याशियों ने नामांकन फार्म खरीदे हैं। आज प्रथम दिवस कोई भी प्रत्याशी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया।

‘छत्तीसगढ़ वोट्स‘ की अंतिम तिथि अब 7 नवम्बर

छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से फेसबुक पर संचालित ‘छत्तीसगढ़ वोट्स‘ प्रतियोगिता की अंतिम तिथि अब 7 नवम्बरहो गई है। जिन लोगों ने अभी तक इसमें हिस्सा नहीं लिया है, वे 7 नवम्बर तक इसमें अपनी भागीदारी कर ईनाम पाने के हकदार बन सकते हैं। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए आवश्यक नियम और शर्तें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाईट पर उपलब्ध है।

नक्सल प्रभावित जिलों में शांतिपूर्ण मतदान कराने सभी उपाय किए जाएंगे : साहू

छत्तीसगढ़ में विधानसभा निर्वाचन के दौरान नक्सल प्रभावित जिलों में शांतिपूर्ण मतदान कराने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए जाएंगे। भारत निर्वाचन आयोग की 25 अक्टूबर को नई दिल्ली में हुई बैठक में प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन के दौरान नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहन चर्चा हुई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ.पी. रावत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भारत निर्वाचन आयोग और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू भी शामिल हुए।

चुनाव में किसानों की भूमिका महत्वपूर्ण

चुनाव आते ही राजनीतिक दलों ने वादों के झुनझुना बजाना शुरू कर दिया है। कोरिया जिले में किसानों की संख्या अधिक है। कुल आबादी का 70 फीसदी हिस्सा खेती से जुड़ा है। इसलिए हर दल के पिटारे में इनके लिए कुछ न कुछ खास वादा है। वादों का यह झुनझुना चुनाव के बाद बजेगा या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा। क्योंकि चुनाव के पूर्व किसानों की समस्याओं को जानने के लिए तो कोई नेता उनके पास नही पहुंच रहा था जैसा कि अभी चुनाव आने के साथ पहुंचने लगे है।

ऐसे समझे जमानत जब्त को

चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच रही है और नाम तय होने के साथ ही जीत-हार को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। विधानसभा चुनाव की बिगुल बज चुका है और राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रत्याशियों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव में भाग लेते है। कुछ तो वोट काटने के लिए तो कुछ अपना नाम प्रचारित करने के लिए चुनाव में भाग लेते है। वे जानते भी है कि वे चुनाव नहीं जीतेंगे। फिर भी चुनाव मैदान में उतर जाते है। ऐसे लोगों की कई बार निश्चित प्रतिशत से कम प्रतिशत तक वोट लाने के कारण जमानत जब्त हो जाती है। चुनावी चर्चा के दौरान यह बात आम लोगों से सुनने का मिलती है कि उसकी जमानत जब्त हो जाएगी या हो गई। आखिर यह जमानत होती क