पत्रकारों ने हेलमेट पहनकर किया न्यूज कवर, क्योंकि डर लगता है जाने कब किस पर हमला हो जाए…

3f877156-69c6-41af-b001-a7d38b22b57b-720x556.jpg

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से जो तस्वीर निकलकर सामने आ रही है वह बेहद चिंताजनक है. न सिर्फ समाज के लिए बल्कि राजनीतिक दलों के लिए भी कि आखिर वे किस ओर जा रहे हैं और देश को ये कैसा लोकतंत्र देने की कोशिश कर रहे हैं.

रायपुर के पत्रकार हेल्मेट पहनकर आज काम कर रहे हैं. प्रापर्टी टैक्स के विरोध में भाजपा पार्षद दल ने नगर निगम का घेराव किया. बीजेपी पार्षद दल के प्रदर्शन को कवर करने पत्रकार पहुंचे लेकिन वो हेल्मेट पहने हुए थे. उन्होंने भाजपा पार्षदों की बाईट हेल्मेट पहन कर ली. दरअसल शनिवार को भाजपा ने हार के बाद जिला स्तरीय समीक्षा बैठक रखी थी. जिसमें पत्रकारों को भी आमंत्रित किया गया था लेकिन बैठक शुरु होती इससे पहले ही पूर्व विधायक नंदे साहू और जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल के बीच तू-तू मैं-मैं शुरु हो गई. दोनों के बीच शुरु हुई तू-तू मैं-मैं का विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि नौबत हाथापाई तक आ गई. इस दौरान वहां मौजूद एक न्यूज पोर्टल के पत्रकार सुमन पाण्डेय इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल में कैद कर रहे थे. पार्टी के भीतर मचे घमासान को कैद करते देख भाजपा नेताओं के हाथ-पैर ठंडे पड़ गए और इस कारगुजारी का वीडियो डिलीट करवाने के लिए पत्रकार पर ही पिल पड़े. भाजपा नेताओं ने सुमन पाण्डेय के साथ मारपीट की उनका मोबाइल छीनकर उसमें मौजूद वीडियों को डिलीट कर दिया वहीं एक महिला पत्रकार के साथ भी जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बदसलूकी करते हुए उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया. सुमन पाण्डेय की रिपोर्ट पर जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल समेत 4 नेताओं के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया और उन्हें थाना से ही जमानत देकर रिहा कर दिया. घटना के बाद से आक्रोशित पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करने वाले चारों दोषियों को पार्टी से निष्कासन की मांग कर रहे हैं. वे अपनी मांग को लेकर प्रेस क्लब के बाहर शनिवार से लगातार धरना दे रहे हैं. कल सोमवार को पत्रकारों ने प्रेस क्लब से एक मशाल रैली भी निकाली जो कि अंबेडकर चौक में जाकर खत्म हुई. इस रैली को कई समाज सेवी संगठनों ने अपना समर्थन दिया था.

इस घटना के विरोध में पत्रकारों ने आज हेल्मेट पहनकर भाजपा नेताओं की न्यूज कवर करने का निर्णय लिया. ऐसे में सवाल यही उठता है कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आन पड़ रही है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को अपनी रक्षा के लिए हेल्मेट पहनकर नेताओं के बीच न्यूज कवरेज के लिए जाना पड़ रहा है. ये समाज के लिए भी बेहद चिंता का विषय है.

Source: 
lalluram.com

Related News